Cardiac Rehabilitation Program heart attack के बाद मरीजों को सुरक्षित और मजबूत बनाने में मदद करता है।
भारत में ज़्यादातर लोग सोचते हैं: “स्टेंट लग गया, दवा चल रही है, अब सब ठीक है।”
यही सबसे बड़ा भ्रम है। Heart attack सिर्फ एक अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर और चलने वाली बीमारी की शुरुआत होती है।
डॉक्टर जान बचा देता है। लेकिन जिंदगी की क्वालिटी बचाने और भविष्य के हार्ट अटैक से बचाने का काम Cardiac Rehabilitation करता है।
न डॉक्टर विस्तार से बताते हैं, न अस्पतालों में rehab सिस्टम मौजूद है, और न मरीज को इसकी जानकारी होती है।
यही कारण है कि भारत में heart attack के बाद मृत्यु और विकलांगता बहुत ज्यादा है।
अमेरिका, UK, जर्मनी और यूरोप के कई देशों में Heart attack, angioplasty या bypass surgery के बाद Cardiac Rehabilitation compulsory treatment माना जाता है।
कई देशों में insurance तब तक पूरा claim नहीं देता जब तक मरीज rehab program complete न करे।
Studies बताती हैं कि Cardiac Rehabilitation करने से 20–30% तक मौत का खतरा कम हो जाता है और sudden cardiac death का risk भी घटता है।
Research दिखाती है कि rehab करने वाले मरीजों में दोबारा heart attack का खतरा 25–50% तक कम हो जाता है।
सिर्फ दवा जिंदगी नहीं बचाती, rehabilitation बचाती है।
भारत में लोगों को cardiac rehabilitation के बारे में पता ही नहीं है।
अस्पतालों का focus surgery और stent पर रहता है, लेकिन rehabilitation को treatment system का हिस्सा नहीं बनाया गया।
“अब आराम करना है, exercise dangerous है।” यह सोच scientifically गलत है।
लेकिन बिना guidance exercise खतरनाक हो सकती है, इसलिए trained specialist जरूरी है।
| Rehab करने वाला मरीज | Rehab नहीं करने वाला मरीज |
|---|---|
| Normal जिंदगी जी पाता है | जल्दी थक जाता है |
| काम पर वापस जा सकता है | डर के कारण inactive रहता है |
| Heart मजबूत होता है | Heart कमजोर होता जाता है |
| दूसरा attack कम chance | दूसरा attack high risk |
| Quality of life high | Life limited और fearful |
भारत दुनिया का heart disease capital बन चुका है। लेकिन असली समस्या surgery नहीं, rehabilitation का अभाव है।
अगर भारत में Western देशों की तरह cardiac rehab compulsory हो जाए, तो:
Jaipur Physio & Cardio Rehab Institute (JPCRI) का उद्देश्य है heart attack survivors को सिर्फ बचाना नहीं, बल्कि normal जिंदगी वापस देना।
अगर आपको या आपके परिवार में किसी को Heart attack, Angioplasty, Bypass surgery या Heart failure हुआ है, तो समझ लीजिए:
इलाज आधा हुआ है। Cardiac Rehabilitation अभी बाकी है।
लेखक: Dr. Rahul (PT), कार्डियक रिहैबिलिटेशन विशेषज्ञ, JPCRI Jaipur
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